WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Group Join Now
अन्य खबरे

High Court: मकान माकिल किरायेदार से घर खाली नहीं करवा सकेगा, हाई कोर्ट का आदेश

Agro Rajasthan Desk New Delhi: आज के समय में किराएदारों और मकान मालिकों के बीच में मन मुटाव होना आम बात हो गई है। वहीं एक मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है,

जिसमें बताया है कि अब मकान मालिक किरायेदार से अपना घर खाली नहीं करवा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि किरायेदार को क्या अधिकार मिलते हैं।

कभी भी वो किराएदारों को किराया बढ़ाने के लिए कह देते हैं या फिर अचानक से मकान खाली करने के लिए बोल देते हैं। ऐसे में किराएदारों को परेशान होना पड़ता है।

ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट (High Court) की ओर से महत्वपूर्ण फैसला दिया गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से किराएदारों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं मकान मालिकों की मनमर्जी पर लगाम लगेगी।

मकान मालिक और किराएदार का विवाद अक्सर सुर्खियों में रहता है. इससे संबंधित पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. इसे किराएदारों के पक्ष में कहा जा सकता है.

फैसले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मकान मालिक असमाजिक तत्वों की मदद से किराएदार को जबरन बेदखल नहीं कर सकता है.

जबरन बेदखल नहीं कर सकते

मामला पटना हाईकोर्ट में एक केस के सुनवाई का है. इस केस को लेकर High Court ने किराएदार को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है.

हाईकोर्ट ने अपने फैसला में स्पष्ट किया कि गैरकानूनी तरीके से कोई मकान मालिक असामाजिक तत्त्वों की मदद लेकर किराएदार को जबरन बेदखल नहीं कर सकता है.

न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद ने पटना के फ्रेजर रोड स्थित हैरिसंस होटल एवं अन्य की क्रिमिनल रीट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है.

पटना हाईकोर्ट ने ये भी कहा

पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस प्रकृति की उच्च स्तरीय कार्रवाई जो संपत्ति को हथियाने और अवैध तरीके से एक कब्जे वाले को बेदखल कर उसे अपना कब्जा वापस पाने हेतु दीवानी मुकदमों को दर्ज करने के लिए ही प्रोत्साहित करेगा.

यदि मकान मालिक के साथ पुलिस की भी मिली भगत भी हो तब भी हाई कोर्ट इसकी अनदेखी नहीं कर सकता है. यदि न्यायालय इस तरह की उच्च स्तरीय कार्रवाई को स्वीकार करेगा तो कानून के शासन का कोई सम्मान नहीं करेगा और गैर कानूनी तत्व इसका फायदा उठाएंगे.

मामला क्या है

बता दें कि याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि 24 फरवरी, 2022 की आधी रात में मकान मालिक ने असामाजिक तत्वों की सहायता से जबरन कंपनी के आफिस को खाली करा दिया और परिसर में ताला जड़ दिया था.

इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की. लेकिन पुलिस ने किराएदार की शिकायत पर एक्शन न लेकर मकान मालिक का साथ दिया था.

एसएसपी को कोर्ट ने दिया निर्देश

वहीं, इस मामले में कोर्ट ने पटना के एसएसपी तथा कोतवाली के थाना प्रभारी को याचिकाकर्ता होटल कंपनी को तुरंत उसके होटल परिसर का दखल वापस दिलाने का निर्देश दिया है।

Alpesh Khokhar

🚀 Founder of JaneRajasthan 🌟 Passionate about Culture & Rural Development 🌾 Bringing you the latest updates in the world of Rajasthan 🌿 Committed to sustainable growth and community empowerment 📍 Based in the heart of Rajasthan, India 🇮🇳

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button