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CIBIL Score Rules: अब खराब सिबिल वालों को नहीं मिलेगी नौकरी, जान ले ये नए नियम

Agro Rajasthan Desk, New Delhi: खराब सिबिल स्कोर वालों के लिए बेड न्यूज़ है. अगर आप बैंक की नौकरी की तैयारी कर रहे है और आपका सिबिल स्कोर ख़राब है तो अब किताबी तैयारी पे ध्यान देने के साथ आपको खुद का क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) भी सुधारना पड़ेगा.

अब सरकारी बैंकों में नौकरी के लिए हेल्दी सिबिल स्कोर (Healthy CIBIL Score) जरूरी होगा। दरअसल, बैंकिंग रिक्रूटमेंट एजेंसी IBPS ने बैंकिंग प्रतिभागियों की जरूरी योग्यताओं में अच्छे CIBIL score की भी शर्त जोड़ दी है, यानि जिनका सिबिल स्कोर 650 से कम होगा, उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी।

यह डेवलपमेंट न सिर्फ बैंकों में नौकरी पाने के लिए आसान बनाएगा लेकिन लोन पाना भी आसान कर देगा। ये अच्छे क्रेडिट स्कोर (credit score) के बारे में बताता है। सिबिल स्कोर हासिल करने में असफल रहने से इस सेक्टर में रोजगार की संभावना काफी कम हो सकती है। यहां आपको बता रहे हैं कि आप कैसे अपना सिबिल स्कोर बेहतर कर सकते हैं।

क्या होता है CIBIL Score?

CIBIL Score या Credit Score एक ही चीजें हैं, बस CIBIL Score देश में Credit Information Bureau (India) Limited (CIBIL) जारी करता है। ये स्कोर एक 3 डिजिटल का न्यूमेरिक होता है, जो बताता है कि आप 300 से 900 के बीच में कहां आते हैं। इसका मतलब किसी भी व्यक्ति के लोन चुकाने की क्षमता से होता है।

यानी अगर आप लोन लेते हैं तो कितने वक्त पर और अपना बजट बिगाड़े बिना इसे कैसे चुकाते हैं, इससे आपका क्रेडिट स्कोर बनता है। यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और रिकॉर्ड से तय होता है। 

अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होता है, तो इसका मतलब है कि अगर आपको लोन (Loan) दिया जाता है तो आप इसे टाइम पर चुका देंगे। क्रेडिट स्कोर और CIBIL स्कोर में बस एक फर्क होता है, और वो ये है कि आपका क्रेडिट स्कोर चार क्रेडिट ब्यूरो देते हैं, वहीं, CIBIL स्कोर बस CIBIL देती है।

आपके CIBIL स्कोर को बेहतर करने का तरीका

समय पर बिल पेमेंट : 

अपने सभी क्रेडिट कार्ड (Credit Card) बिल का पेमेंट समय पर करें। क्रेडिट कार्ड का पेमेंट देर से करने पर जुर्माना, इंटरेस्ट और लेट फीस लगता है। साथ में आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ता है।

सही तरीके से करें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल: 

यदि आपके क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने का अवसर दिया गया है, तो सावधानी बरतें। क्रेडिट सीमा पूरी तरह समाप्त होने से क्रेडिट इस्तेमाल करने का रेशो भी बढ़ जाता है, जो कम क्रेडिट स्कोर में योगदान कर सकता है।

लोन निपटाने को समझे: 

‘लोन सेटलमेंट’ और ‘लोन क्लोजर’ के अंतर को समझे। लोन सेटलमेंट (loan settlement) तब होता है जब समय पर लोन चुकाने में असमर्थता के कारण बैंक के साथ समझौता हो जाता है। यह आपके क्रेडिट हिस्ट्री और सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल: 

जिम्मेदारी से क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का उपयोग आपके सिबिल स्कोर में पॉजिटिव योगदान दे सकता है। क्रेडिट कार्ड के माध्यम से समय पर पेमेंट करना करना आपके क्रेडिट हिस्ट्री पर पॉजिटिव असर डालता है।

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